Thursday, 28 July 2022

60+ Schools Days Yadde Motivational Thoughts For School Life in Hindi

Schools Days Motivational Inspirational Thoughts 




Schools Life Time Motivational Thoughts 


स्कूल में पहले सिखाया जाता है,

फिर परीक्षा ली जाती है,

जिंदगी की स्कूल में,

पहले परीक्षा ली जाती है,

फिर इंसान खुद सीख जाता है




स्कूल के दिनों में,

सबसे बेहतर दिन वह होता है,

जब हर क्लास का पहला दिन होता है।




ऐसी पलट गई है जिंदगी,

पहले स्कूल ना जाने का बहाना ढूंढते थे,

अब स्कूल जाने का मौका तक नहीं मिलता।




स्कूल लाइफ में सबसे मुश्किल काम,

अपने फ्रेंड के साथ जब होते हैं,

क्लास में टीचर के सामने,

अपनी हंसी कंट्रोल करना होता था।




दिन सुहाने लगते थे,

हंसते थे रोते थे,

जब भी हम स्कूल जाया करते थे।




खबर ना होती कुछ सुबह की,

ना कोई शाम का ठिकाना था,

थक-हार के आना स्कूल से,

फिर भी खेलने जरूर जाना था।




हर सुबह उठकर,

स्कूल को जाना,

बड़ा खूबसूरत था,

वह स्कूल का जमाना।




बिन मांगे जब मिल जाती थी,

वह हर चीज चाहे वह मां का प्यार हो,

या टीचर की सीख।




कभी हंसते हंसते रो जाता हूं,

मैं आज भी याद करते,

स्कूल के वह दिन वह मस्ती वाले दिन,

यह जिम्मेदारी नहीं, कोई काम,

वो पल कितने हसीन थे।




स्कूल की बात ही निराली है,

यह हमें जीना सिखा जाती।




स्कूल के भी क्या खूब दिन हुआ करते थे,

तुझे इंप्रेस करने के चक्कर में,

स्वेटर तक नहीं पहनते थे।




खुशी खिलौना खेलने से नहीं मिलती है,

खुशी स्कूल के दोस्तों के साथ खेलने से मिलती है।




स्कूल के जिगरी दोस्त,

जो एक पल ना रह पाते थे,

आज यही दोस्त एक पल के लिए,

भी नहीं दिखाई देते।




टीचर की डांट,

वह सुसु का बहाना,

हमेशा याद रहेगा,

वह स्कूल लाइफ का याराना।




जिंदगी की रोज की परेशानियों से,

कहीं अच्छे थे वह स्कूल के दिन भले,

हम पर बंद से थी फिर भी,

बड़े अच्छे थे वो स्कूल के दिन।




जब स्कूल जाते थे तो,

स्कूल से परेशान हुआ करते थे,

अब स्कूल की यादें,

परेशान करती हैं।




फिर से काश वही तकदीर मिल जाए,

जिंदगी के वह सारे इसी पल मिल जाए,

बैठ चल आज फिर से क्लास की लास्ट बेंच पर,

क्या पता शायद वह पुराने दोस्त मिल जाए।




स्कूल में पढ़ा क्या था,

सही से याद हो या ना हो पर,

स्कूल का हर एक दिन,

अभी भी अच्छे से।




जीवन के सब दुख दर्द भूल जाते हैं,

चल फिर से बचपन वाली स्कूल जाते हैं।




तुझे तब से मैं चाहता हूं,

अरे पगली मैं जब तू स्कूल में,

दो चुटिया बांधकर आती थी।




जिंदगी जीने का कोई उसूल नहीं होता,

दोस्ती सिखाने का कोई स्कूल नहीं होता।




स्कूल में हमने क्या पढ़ा था,

चाहे यह हमें याद हो या ना हो लेकिन,

स्कूल का वह हर एक दिन,

हर लम्हा आज भी मुझे अच्छे से याद है।




जब पढ़ते थे तो स्कूल से आजाद होना चाहते थे,

अब आजाद हुए तो फिर से,

वही जिंदगी जीना चाहते हैं।




हजार दोस्त गए हो हजार दोस्त आए,

जिंदगी में मगर आज भी वही स्कूल वाले,

दोस्त याद आते हैं।




दिल के अजीज दोस्तों से जुदा हो गए,

आज हम अपने स्कूल से विदा हो गए।




क्लास में मस्ती थी,

हमारी भी कुछ हंसती थी,

टीचर का सहारा था,

ये दिल या आवारा था।




पड़ती थी जो डांट टीचर की,

आंखें हो जाती थी ना मिल जाते थे,

चार दोस्त फिर क्या खुशी क्या गम।




कैसी पलट गई है जिंदगी,

पहले स्कूल ना जाने का बहाना ढूंढते थे,

अब स्कूल जाने का मौका तक नहीं मिलता।




फिर से काश कोई तकदीर मिल जाए,

जिंदगी के वह सारे हंसी पल मिल जाए,

बैठकर आज फिर से क्लास की,

लास्ट बेंच पर क्या पता शायद,

वो पुराने दोस्त मिल जाए।




चलो अपनी मासूमियत हम ढूंढ कर लाते हैं,

चलो हम फिर से स्कूल की ओर जाते हैं।




स्कूल तक उन रास्तों से हम जुदा हो गए,

आज अपने स्कूल से हम विदा हो गए।




जिंदगी के सारे दुख दर्द भूल चले जाते हैं,

चलो फिर से आज बचपन वाले स्कूल जाते हैं।




स्कूल में तो हम लड़ाई झगड़ा,

फसाद बहुत करते थे लेकिन,

एग्जाम से पहले सब से दोस्ती।




पानी पीने के बहाने पूरे स्कूल का,

चक्कर लगाने का मजा ही कुछ और था।




विश्वास हो तो इन मुसीबतों की,

कोई औकात नहीं होती,

ये अलग बात है कि अब स्कूल के,

दोस्तों से बात नहीं होती।




इंसान का सबसे ज्यादा वक्त सिखाता है,

इसके स्कूल में कोई कहा दाखिला ले पाता है।




कॉलेज में स्कूल की याद आई,

जवानी में बचपन की याद आई,

कांटो को चुना तो फूल की याद आई,

जिंदगी को करीब से देखा तो दोस्तों की याद आई।




लेकिन जो भी था बहुत मजा आता था,

जब हम बिना लंच ब्रेक के हुए,

छुप कर खा लेते थे जब भी ,

हम काम करके नहीं आते तो,

हमेशा झूठ बोल्कर बचने की कोशिश करते थे।




याद आते हैं वह स्याही से रंगे हाथ,

क्या दिन थे जब करते थे लंच दोस्तों के साथ।




चलो अभी मासूमियत हम ढूंढ कर लाते हैं,

चलो हम फिर से स्कूल की ओर जाते हैं।




उल्फत नहीं फितूर के दिन थे,

सबसे बेहतरीन वो स्कूल के दिन थे।




हंसते हुए रो देता हूं,

मैं जब स्कूल की मस्ती याद आती है,

क्या जबरदस्त दिन थी वह।




सोचा है तो पूरा होगा,

बस शुरू कहीं से करना होगा,

तुझे दुनिया से बाद में,

पहले खुद से लड़ना होगा।




हंसते हुए रो देता हूं,

मैं जब स्कूल की मस्ती याद आती है,

क्या जबरदस् जिन्दगी थी,

न जिम्मेदारियां थी,

बस मस्ती और मस्ती थी।




ना दौलत मांगता हूं,

ना शोहरत में चाहता हूं,

मैं तो बस वही स्कूल लाइफ,

दुबारा चाहता हूं।




किलो के भाव बिक गई,

वह कॉपियां जिस पर कभी,

वेरी गुड देखकर फूले न समाते थे।




स्कूल की दोस्ती भी क्या कमाल थी 

न किसी लड़की की चाहत थी,

न पढ़ाई का जज्बा था बस चार कमीने यार थे,

और लास्ट बेंच पर कब्जा था।




जिंदगी का हर दुख दर्द भूल जाना चाहता हूं,

फिर से मम्मी के साथ स्कूल जाना चाहता हूं।




स्कूल की दोस्ती में एक बात खास होती है,

इसमें पैसों की कोई अहमियत नहीं होती है,

दोस्ती ही सबसे ज्यादा कीमती होती है।




स्कूल का वह पहला और आखिरी दिन,

एक ही जैसा था दोनों बार हमारी आंखों में,

आंसू थे लेकिन दोनों बार होने की वजह अलग थी।




बचपन की वजह से स्कूल खराब लगता था,

अगर तब भी स्कूल बंद होगा तो,

छुट्टी के दिन भी स्कूल चले जाते थे।




स्कूल से निकलने के बाद पता चला,

तो अंत में सिर्फ एक या दो से,

दोस्ती बचती है बाकी सब से,

बस जान पहचान हो जाती है।




अगर कोई मुझसे कुछ मांगने को कहे तो,

मैं वह पुराने स्कूल के दिन मांगूंगा,

वह भी दिन क्या दिन थे।




फिर से वो बस्ता थमा दो ना मां,

स्कूल वाला मेरे कांधे में क्योंकि,

जिम्मेदारियों का बोझ बस्ते से बहुत भारी है।






No comments:

Post a Comment

DOSTI MOTIVATIONAL QUOTES IN FRIENDSHIP DAY IN HINDI

       DOSTI MOTIVATIONAL QUOTES जिंदगी में कई दोस्त बनाना एक आम बात है, लेकिन एक ही दोस्त से जिंदगी भर दोस्ती, निभाना खास बात है। आप दूसरे ...