ए दोस्त क्या लिखूं तेरी तारीफ में,
बड़ा खास है तू मेरी जिंदगी में।
वक्त की यारी तो हर कोई करता है,
लेकिन मजा तो तब है,
जब वक्त बदल जाए लेकिन,
यारी ना बदले।
दोस्तों की दोस्ती में,
कभी कोई रूल नहीं होता और,
यह सिखाने के लिए,
कोई स्कूल नहीं होता।
एक सच्ची दोस्ती,
प्यारी जिम्मेदारी होती है,
कोई अवसर नहीं।
कदर करना अपने,
सच्चे दोस्तों की क्योंकि,
ना जिंदगी दोबारा मिलती है,
और यह ना दोस्त
प्रेमी और दोस्त में क्या फर्क है,
प्रेमी कहता है,
तुम्हें कुछ हुआ तो मैं जिंदा नहीं रहूंगा,
और दोस्त कहता है जब तक मैं जिंदा हूं,
तुम्हें कुछ नहीं होने दूंगा।
समझे जो हर बात को,
वह जज्बात है दोस्ती,
पहली बार हो पर आखिरी ना हो,
वह मुलाकात है दोस्ती।
मुझे नहीं पता कि,
मैं एक बेहतरीन दोस्त हूं या नहीं,
लेकिन मुझे पूरा यकीन है कि,
जिसके साथ मेरी दोस्ती है,
वह बहुत बेहतरीन है।
सच्चे दोस्त हमें,
कभी गिरने नहीं देते,
ना किसी की नजरों में और,
ना किसी के कदमों में।
कौन कहता है कि,
दोस्ती बराबरी में होती है,
सच तो यह है,
दोस्ती में सब बराबर होते हैं।
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