खोल दे पंख मेरे कहता है परिंदा,
अभी और उड़ान बाकी है,
जमीन नहीं है मंजिल मेरी,
अभी पूरा आसमान बाकी है।
कुछ ज्यादा ख्वाहिशें नहीं है यह जिंदगी तुझसे,
बस मेरा अगला कदम पिछले कदम से बेहतरीन हो।
पहले पढ़ती थी बहुत सी बातों पर फर्क है,
अब किसी बात पर नहीं पड़ती।
हिम्मत मत होना अभी बहुत आगे जाना है,
जिन्होंने कहा था तेरे बस का नहीं,
उनको भी करके दिखाना है।
सफलता का आशीर्वाद केवल उन्हें ही मिलता है, जिन्होंने कभी संघर्ष के कदमों को स्पर्श किया हो।
अगर सूरज की तरह जलना है तो रोज उठना पड़ेगा।
जिंदगी में रिस्क लेने से कभी मत डरो या तो जीत मिलेगी और हार भी गए तो सीख मिलेगी।
इंसान घर बदलता है,
रिश्ते बदलता है,
दोस्त बदलता है,
फिर भी परेशान क्यों रहता है,
क्योंकि वह खुद को नहीं बदलता।
"आदर्श" "अनुशासन" "मर्यादा" "परिश्रम" "इमानदारी" और "उच्च मानवीय मूल्यों" के बिना,
किसी का जीवन महान नहीं बन सकता।
तजुर्बा बता रहा है,
दोस्त "दर्द" "गम" "डर" जो भी है बस तेरे अंदर है,
खुद के बनाए पिंजरे से निकलकर देख,
तू भी एक सिकंदर है।
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