बुराई को देखना और सुनना ही,
बुराई की शुरुआत है।
हारने के बाद भी खड़ा होना चाहिए,
इंसान का संघर्ष इतना बड़ा होना चाहिए।
खुद पर तू कर यकीन,
मंजिल की ओर चल दे,
ना हो हताश परेशान,
अपने इरादों को बल दे।
संघर्ष करने वालों,
को जरूर मिलता है,
मेहनत का फल और,
समस्या का हल।
जीत की होड़ में तो सब लगे हैं मगर,
संघर्ष भरी दौड़ में कोई,
हिस्सा नहीं लेना चाहता।
जिंदगी में मेहनत से मिले,
फल का स्वाद,
किस्मत से मिले फल के स्वाद,
से ज्यादा मीठा होता है।
कारनामे बड़े होंगे तो बात बड़ी होगी,
हौसले बड़े होंगे तो औकात बड़ी होगी।
जिस तरह सूर्योदय होते ही,
चंद्रमा की चमक फीकी पड़ जाती है,
उसी तरह दूसरों की मदद लेने से,
खुद की मजबूती खो जाती है।
चलते चलते पथ पर,
बन जाऊंगा चलने में,
माहिर या तो मिलेगी,
मंजिल नहीं तो बन,
जाऊंगा अच्छा मुसाफिर।
संघर्ष के मार्ग पर जो वीर चलता है,
वही संसार को बदलता है,
जिसने अंधकार मुसीबत और खुद से,
जंग जीती सूर्य बनकर वही निकलता है।
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