खुद की तरक्की में,
इतना वक्त लगा दो कि,
किसी दूसरे की बुराई,
करने का वक्त ना मिले।
आधा रास्ता चल कर,
वापस लौटने की कभी ना सोचो क्योंकि,
आपको लौटने के लिए भी उतनी ही राह तय ,
करनी है जितनी मंजिल तक जाने में लगेगी।
अरे मिलेगा भाई,
इतना मिलेगा जितना तुम,
सपने में भी नहीं सोच सकते,
पहले खिलाड़ी , खिलाड़ी तो बनो,
अपने खेल के पक्के खिलाड़ी तो बनो।
ना भागना है ना रुकना है,
बस चलते रहना है चलते रहना है।
हर वक्त दूसरों की सफलता के बारे में,
जानने के बजाय खुद की सफलता पर काम करो।
अगर आप,
उस इंसान की तलाश कर रहे हैं,
जो आपकी जिंदगी बदलेगा तो आईने में देख ले।
मेहनत वह सुनहरी चाबी है,
जो बंद भविष के दरवाजे भी खोल देती है।
जब तक किसी काम को किया नहीं जाता,
तब तक वह काम असंभव ही लगता है।
दूर से हमें सफलता के सभी रास्ते बंद नजर आते हैं,
क्योंकि सफलता के रास्ते तभी खुलते हैं,
जब हम उनके बिल्कुल पास पहुंच जाते हैं।
सफलता का कोई मंत्र नहीं है,
यह तो सिर्फ परिश्रम का फल है।
No comments:
Post a Comment