मैं वह खेल नहीं खेलता,
जिसमें जीतना फिक्स हो,
क्योंकि जीतने का मजा तब है,
जब हारने का रिस्क हो।
पीठ हमेशा मजबूत रखनी चाहिए,
क्योंकि शाबाशी और धोखा,
दोनों पीछे से ही मिलते हैं।
जीवन में गिरना भी अच्छा है,
औकात का पता चलता है,
बढ़ते हैं जब हाथ उठाने को,
तो अपनों का पता चलता है।
दुनिया की कोई परेशानी,
आपके साहस से बड़ी नहीं हो सकती है।
यदि किसी काम को करने में डर लगे,
तो याद रखना यह संकेत है,
कि आपका काम वाकई में बहादुरी से भरा हुआ है।
जिंदगी में तपिश कितनी भी हो,
कभी हताश मत होना क्योंकि,
धूप कितनी भी तेज हो,
समंदर कभी सूखा नहीं सकती।
क्रोध के समय थोड़ा रुक जाएं,
और गलती के समय थोड़ा झुक जाएं,
तो दुनिया की सब समस्याएं हल हो जाएंगी।
जब तक शिक्षा का मकसद नौकरी को पाना होगा,
तब तक समाज में नौकर ही पैदा होंगे,
मालिक नहीं है।
लाखों ठोकरो के बाद भी संभलता रहूंगा,
गिरकर फिर से उठूंगा और चलता रहूंगा।
किसी के पैरों में गिर कर कामयाबी पाने से बेहतर है,
अपने पैरों पर चलकर कुछ बनने की ठान लो।
No comments:
Post a Comment